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मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को किया जागरूक

दक्षिण जोन में स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचीं मिशन शक्ति व एंटी रोमियो टीमें, हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

  • ऋषभ कुमार

कानपुर नगर। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर कमिश्नरेट कानपुर नगर के दक्षिण जोन में मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। पुलिस आयुक्त कानपुर नगर के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त दक्षिण जोन के पर्यवेक्षण में 1 अक्टूबर 2026 को दक्षिण जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीमों ने अभियान चलाया।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनकी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया। टीमों ने उन्हें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या अन्य अप्रिय घटना होने पर बिना डर और संकोच के पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने बताया कि 1090 वूमेन पावर लाइन पर महिलाओं से संबंधित उत्पीड़न, छेड़छाड़ एवं घरेलू हिंसा की शिकायत की जा सकती है। 112 आपातकालीन पुलिस सेवा, 181 महिला हेल्पलाइन और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

इसके अलावा 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस सेवा, 102 स्वास्थ्य सेवा तथा 1930 साइबर हेल्पलाइन के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले उत्पीड़न की स्थिति में 1930 पर शिकायत करने के लिए जागरूक किया गया।

पुलिस टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न महिला सशक्तिकरण और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, उज्ज्वला योजना और वन स्टॉप सेंटर योजना प्रमुख रहीं।

कार्यक्रम के दौरान पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों में निर्धारित कानूनी कार्रवाई और दंड के बारे में भी जानकारी दी गई। बालिकाओं को किसी भी संदिग्ध या असहज परिस्थिति में तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को सूचना देने के लिए कहा गया।

पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी अप्रिय घटना या उत्पीड़न की सूचना मिलने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने की बात भी बताई गई।

कार्यक्रम के अंत में मिशन शक्ति के पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया। अभियान के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने का संदेश दिया गया।

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