महिला सुरक्षा, नारी स्वावलंबन और सशक्तिकरण के प्रति छात्राओं एवं महिलाओं को किया जागरूक, एंटी रोमियो टीम ने संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की
- सौम्या पाण्डेय
कानपुर नगर। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-6 अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत 14 अक्टूबर 2026 को सेन पश्चिम पारा दक्षिण जोन, कानपुर नगर की मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो टीम द्वारा जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान थाना क्षेत्र के विभिन्न तिराहों एवं चौराहों पर भ्रमण कर छात्राओं, महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा, नारी स्वावलंबन तथा महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076, 1098, 112 एवं 181 सहित विभिन्न आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या या आपात स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस एवं संबंधित विभागों से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं को यूपी कॉप (UPCOP) ऐप के माध्यम से उपलब्ध जनसुविधाओं की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक एवं इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया। ऑनलाइन माध्यमों पर किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर सतर्क रहने तथा आवश्यकतानुसार शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना सहित विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम तथा घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी देकर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
वहीं, एंटी रोमियो टीम द्वारा थाना क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की गई। टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाई।
पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करना, उन्हें सरकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी देना तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा।


