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बिठूर में भाजपा का ‘विजय रथ’, राणा समरेंद्र सिंह ने 2483 वोटों से दर्ज की बड़ी जीत

नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में 4210 मत पाकर बने नए चेयरमैन, समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ मनाया जश्न

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत का परचम लहराया है। भाजपा प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार आदर्श द्विवेदी उर्फ विभु को 2483 मतों के बड़े अंतर से हराकर अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया। राणा समरेंद्र सिंह को कुल 4210 वोट मिले, जबकि आदर्श द्विवेदी को 1727 मत प्राप्त हुए। कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप द्विवेदी को 56 वोट मिले। चुनाव परिणाम घोषित होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।

बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 13 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया गया था। इसके बाद 15 अक्टूबर को नगर पंचायत कार्यालय में सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरू हुई। कुल 9474 मतदाताओं में से 6193 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह मतदान प्रतिशत लगभग 65.42 रहा। पांच चरणों में हुई मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी ने शुरुआती दौर से ही बढ़त बना ली थी, जो अंतिम चरण तक कायम रही।

मतगणना के पहले चरण में ही राणा समरेंद्र सिंह ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बना ली थी। जैसे-जैसे मतों की गिनती आगे बढ़ी, भाजपा प्रत्याशी और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी के बीच अंतर बढ़ता गया। अंतिम परिणाम में 2483 मतों से जीत दर्ज करने के बाद भाजपा समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते हुए एक-दूसरे को बधाई दी और विजयी प्रत्याशी का स्वागत किया।

राणा समरेंद्र सिंह बिठूर क्षेत्र के भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के बड़े भाई हैं। भाजपा ने उन्हें इस उपचुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं, समाजवादी पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवार आदर्श द्विवेदी उर्फ विभु को समर्थन दिया था। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत के साथ पार्टी नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा बरकरार रखने में सफल रही।

यह उपचुनाव पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ. निर्मला सिंह के निधन के बाद कराया गया। डॉ. निर्मला सिंह बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर लगातार पांच बार निर्वाचित हुई थीं। उन्होंने वर्ष 2000 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहली बार जीत हासिल की थी। इसके बाद वर्ष 2006 और 2012 में भी अध्यक्ष बनीं, जबकि वर्ष 2017 और 2023 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पद संभाला। जून 2026 में उनके निधन के बाद अध्यक्ष पद रिक्त हो गया था।

जीत की घोषणा होते ही मतगणना स्थल पर भाजपा समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, मिठाई बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। विजयी प्रत्याशी का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। चुनाव परिणाम के बाद बिठूर में भाजपा की जीत चर्चा का प्रमुख विषय बन गई।

राणा समरेंद्र सिंह ने अपनी जीत का श्रेय बिठूर की जनता को दिया और इसे अपनी दिवंगत मां डॉ. निर्मला सिंह की स्मृतियों को समर्पित किया। समर्थकों ने कहा कि डॉ. निर्मला सिंह ने लंबे समय तक क्षेत्र की जनता की सेवा की और उनके परिवार का बिठूर के लोगों से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनसेवा की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।

बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब राणा समरेंद्र सिंह के सामने क्षेत्र की नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की चुनौती होगी। स्थानीय लोगों की निगाहें सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सड़कों, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर रहेंगी। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि नगर पंचायत की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

उपचुनाव में मिली इस जीत के साथ भाजपा ने बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर अपनी स्थिति बरकरार रखी है। 2483 मतों के अंतर से मिली सफलता के बाद राणा समरेंद्र सिंह को क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और नगर पंचायत के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मिली है।

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