कल्याणपुर पुलिस और पश्चिम जोन की संयुक्त कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज; पुलिस टीम को मिला 25 हजार रुपये का इनाम
- ऋषभ कुमार
कानपुर नगर। शहर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कल्याणपुर पुलिस और पश्चिम जोन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने होंडा कार से 21 किलो 709 ग्राम गांजा बरामद किया। इसके अलावा पांच हजार रुपये नकद, डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक तराजू, मोबाइल फोन और एक अंगूठी भी बरामद की गई। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को एल्डिको बिल्डिंग के पीछे तिराहे पर वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान जवाहरपुरम की ओर से आ रही एक संदिग्ध होंडा कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे बैग और अन्य सामान से गांजा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार सवार दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कानपुर देहात निवासी अंकित सचान और वैभव उर्फ लकी के रूप में हुई है। बरामद गांजे का कुल वजन 21 किलो 709 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार, गांजा पैकेटों में रखा था और इसमें बिक्री के लिए तैयार की गई पुड़ियां भी शामिल थीं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजे की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही होंडा डब्ल्यूआर-वी कार को भी कब्जे में लिया। इसके साथ पांच हजार रुपये नकद, एक डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक मोबाइल फोन और एक अंगूठी बरामद की गई। पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा कहां से लाया गया था तथा इसकी आपूर्ति किन लोगों को की जानी थी। तस्करी से जुड़े अन्य संभावित लोगों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों के कार्य की सराहना करते हुए पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में गांजे की आपूर्ति के स्रोत और कथित तस्करी नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। आगे की जानकारी पुलिस जांच और आधिकारिक बयानों के आधार पर सामने आएगी।


