सपा प्रमुख ने डबल और ट्रिपल वोट बनने का मुद्दा उठाया, 17 और 24 अक्टूबर को बूथों पर मौजूद रहकर मतदाता सूची की निगरानी करने की कार्यकर्ताओं से अपील।
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं हो रही हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची के बार-बार पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने जनसमर्थन खो दिया है और इसी कारण चुनावी प्रक्रिया को लेकर साजिश की जा रही है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराए जाने पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण बार-बार करने के बजाय प्रक्रिया को स्पष्ट और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
सपा प्रमुख ने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और पीडीए प्रहरियों से अपील की कि वे 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर को अपने-अपने बूथों पर मौजूद रहें। उन्होंने पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने, फर्जी वोट बनने से रोकने और सूची की सावधानीपूर्वक जांच करने का आह्वान किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में डबल और ट्रिपल वोट दर्ज होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आजमगढ़ के विकास यादव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक व्यक्ति के नाम पर दस जगह वोट दर्ज किए गए हैं। उनके मुताबिक, संबंधित युवक ने केवल एक वोट बनवाया था। अखिलेश यादव ने आशंका जताई कि इस तरह की अनियमितताओं से फर्जी मतदान की संभावना पैदा हो सकती है और मामले की जांच होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को मामूली त्रुटि बताकर नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी एसआईआर और एसएसआर की प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रही है, बल्कि उसकी आपत्ति कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर है।
सपा अध्यक्ष ने कुंदरकी और मीरापुर उपचुनावों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की शिकायतों और शपथपत्रों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा, उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े कामकाज में कंपनियों की भूमिका की जांच की आवश्यकता जताई।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाएं, किसान, छात्र, नौजवान और मध्यम वर्ग के लोग सरकार की नीतियों से परेशान हैं। उन्होंने महंगाई, भ्रष्टाचार, परीक्षाओं में कथित धांधली और युवाओं की समस्याओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि भाजपा के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में हत्या और लूट की घटनाएं हो रही हैं तथा पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने शामली से लेकर लखनऊ तक विभिन्न जिलों में आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए विश्वास जताया कि समाजवादी पार्टी प्रदेश में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय को मजबूत करने और पीडीए सहित सभी वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए काम करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पर निगरानी रखने, पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने और किसी भी संदिग्ध प्रविष्टि की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को उठाती रहेगी।
नोट: भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए आरोप अखिलेश यादव के प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों का जवाब उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए।


