CSJMU और राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के बीच हुआ एमओयू, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
- सौम्या पाण्डेय
कानपुर नगर। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सा विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) और पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। शनिवार को दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में विश्वविद्यालय का एक्सटेंशन सेंटर स्थापित करने की दिशा में पहल की जाएगी।
सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि प्रस्तावित एक्सटेंशन सेंटर में फिजियोथेरेपी, लैब टेक्नोलॉजी, न्यूट्रिशन और ऑटोमेटिक क्लिनिक जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे मरीजों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। साथ ही विद्यार्थियों को अपने विषय से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
कुलपति ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में आधुनिक तकनीक का उपयोग समय की जरूरत है। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए। एआई आधारित तकनीकों की मदद से रोगों की पहचान, जांच से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण और क्लिनिकल निष्कर्षों को समझने में सहायता मिल सकती है। इससे चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक बनाने और विद्यार्थियों के लिए सीखने के नए अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी।
राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हर्षवर्धन भदौरिया ने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच यह समझौता चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ‘आयुष आपके द्वार’ की भावना के अनुरूप इस पहल के माध्यम से आमजन तक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रति कुलपति प्रो. सुधांशु पांडिया, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के निदेशक प्रो. डॉ. मुनीश रस्तोगी, प्रो. डॉ. दिविजय शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। दोनों संस्थानों के बीच हुए इस समझौते से शैक्षणिक गतिविधियों, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


