गोविंद नगर विधायक ने छठ घाटों पर पुष्प वर्षा के लिए मुख्यमंत्री से किया अनुरोध, पूर्वांचल समाज की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का दिया हवाला
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। छठ महापर्व पर कानपुर में श्रद्धालुओं के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराने की मांग उठी है। गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर छठ पूजा की निर्धारित तिथि पर शहर के प्रमुख छठ घाटों पर पुष्प वर्षा कराने के लिए आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने अपने पत्र में कानपुर नगर में पूर्वांचल समाज की धार्मिक आस्था और छठ महापर्व के व्यापक आयोजन का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना का प्रमुख पर्व है, जो भारतीय संस्कृति, लोकआस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है। कानपुर में पूर्वांचल समाज से जुड़े लाखों नागरिक इस पर्व को श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं।
उन्होंने पत्र में कहा कि गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न छठ घाटों पर बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं और अन्य श्रद्धालु एकत्रित होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ पूर्वांचल समाज की सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक परंपराओं और सामाजिक एकता को भी दर्शाता है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि छठ महापर्व की निर्धारित तिथि पर कानपुर के प्रमुख छठ पूजा घाटों पर उपस्थित व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।
मैथानी के अनुसार, इस तरह की व्यवस्था से छठी मैया के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था के सम्मान और पूर्वांचल समाज की सांस्कृतिक भावनाओं के प्रति आदर का संदेश जाएगा। इससे पर्व के आयोजन में विशेष आकर्षण जुड़ने के साथ श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव भी मिल सकता है।
विधायक ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छठ महापर्व की धार्मिक महत्ता और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनके अनुरोध पर विचार करेंगे तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देंगे।
नोट: हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराने का प्रस्ताव फिलहाल मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के रूप में सामने आया है। इस संबंध में आधिकारिक स्वीकृति या प्रशासनिक आदेश की जानकारी उपलब्ध होने पर ही इसे अंतिम निर्णय माना जाना चाहिए।


