कानपुर में सुनील सुमन को जिला सचिव की जिम्मेदारी, मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने पर दिया गया जोर
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। केंद्रीय मानवाधिकार संस्थान के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लखनऊ, हमीरपुर, झांसी और महोबा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मानवाधिकारों की रक्षा, जरूरतमंदों की सहायता और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर चर्चा की गई। इस दौरान सुनील सुमन को सर्वसम्मति से कानपुर नगर का जिला सचिव निर्वाचित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीडी निरंकारी ने अपने संबोधन में मानव कल्याण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निर्धन, वंचित और बेसहारा लोगों की सहायता करना आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति का सरकारी या गैर-सरकारी स्तर पर उत्पीड़न होता है, तो मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आगे आकर उसकी समस्या के समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए, ताकि पीड़ित को न्याय और राहत मिल सके।
विशिष्ट अतिथि के रूप में कानपुर न्यायालय के उप जिलाधिकारी सदर कार्यालय में तैनात सुलह अधिकारी डॉ. धीरेन्द्र कुमार दोहरे ने मानव कल्याण से जुड़े अधिनियमों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संविधान में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना जरूरी है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को पीड़ितों की मदद के लिए आगे आना चाहिए और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी देकर न्याय प्राप्त करने में सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सुनील सुमन को सर्वसम्मति से कानपुर नगर का जिला सचिव निर्वाचित किया गया। इस अवसर पर संस्थान की ओर से मानवाधिकारों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने पर जोर दिया गया।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में योगदान के लिए मात एवं शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ, कानपुर नगर की संयोजिका सुमन लता और सह-संयोजिका प्रतीक कटियार को पटका पहनाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
मंडल को-ऑर्डिनेटर बीएल गुलाबिया ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समाज में विशेष रूप से महिलाओं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के शोषण से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। केंद्रीय मानवाधिकार संस्थान ऐसे मामलों में लोगों की सहायता करने और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रयासरत रहेगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रमाकांत वर्मा ने की। इस अवसर पर साहब दीन यादव, राजेंद्र पाल सिंह, रमेश कुमार सिंह, मनीष भारतीय, शौकत अली सिद्दीकी, सुनील सुमन, वीएन पाल, रविंद्र कुमार मधुर, दुर्गा प्रसाद अनुरागी, विजय कुमार वाल्मीकि, सुमन लता, प्रतीक कटियार, मंजू भारतीय, उमा सिंह, नीरज प्रधान, डॉ. रघुवर दयाल वर्मा और हाजी रहमान बक्स सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मानवाधिकारों की रक्षा, वंचित और जरूरतमंद लोगों की सहायता तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया।


