
मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, मशरूम उत्पादन और सरकारी अनुदान की दी गई जानकारी
- अमित कुमार
झांसी। युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय फल संरक्षण केंद्र झांसी की ओर से मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दो दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 1 नवंबर 2026 को लक्ष्मी गेट क्षेत्र के चयनित 30 प्रशिक्षणार्थियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण की तकनीक, लघु उद्योग स्थापना और सरकारी योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक झांसी की धर्मपत्नी सुनीता शर्मा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जनपद में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से इनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान खाद्य प्रसंस्करण विशेषज्ञ संगीता जोशी ने प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण की उपयोगिता, महत्व और इससे जुड़े व्यवसायों की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने निजी उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया और खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण के माध्यम से रोजगार के नए अवसर विकसित करने की जानकारी दी।
वहीं, जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से जुड़े राजकुमार कुमार ने मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत उद्यम स्थापित करने के लिए मिलने वाले अनुदान और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर छोटे स्तर पर भी खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित व्यवसाय शुरू किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उद्यमी अभिषेक कुमार ने मशरूम उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कम संसाधनों में भी उचित प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी के माध्यम से व्यवसाय शुरू करने की संभावनाएं हैं।
प्रशिक्षक डॉ. निवेश सिंह ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने नीति के अंतर्गत उद्योग स्थापना और उद्यमियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। इस दौरान पार्षद अरविंद खटीक ने भी प्रतिभागियों को योजना की जानकारी देते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
राजकीय फल संरक्षण केंद्र झांसी के प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने फल एवं सब्जियों के संरक्षण की विभिन्न विधियों और प्रक्रियाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों को उचित तकनीक से संरक्षित करके उनकी उपयोग अवधि बढ़ाई जा सकती है और इससे व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर विभाग की ओर से अधिकतम एक लाख रुपये तक का अनुदान दिए जाने की व्यवस्था है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और उपस्थित अधिकारियों की ओर से प्रशिक्षणार्थियों को उपयोगी साहित्य एवं लेखन सामग्री भी वितरित की गई। कार्यक्रम में मेधा श्रीवास्तव, पुष्पा, संगीता जोशी, पिंकी वर्मा, वंदना चौधरी, गीता, द्रोपदी प्रजापति, कुसुम, आशा, प्रीति सिंह, सोनिया साहू, वर्षा साहू और अनीता जोशी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार शुरू करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।


