किसी दबाव में आए बिना ऑनलाइन गेमिंग कानून लाया: PM मोदी

सोनाली सिंह
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार के दबाव की परवाह किए बिना ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने के लिए नया कानून बनाया है।
ऑनलाइन गेमिंग: अवसर और चुनौती
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग बाजार में रोजगार के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को इस क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में जागरूक करें।
मोदी ने हाल ही में संसद से पारित ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 का जिक्र करते हुए कहा— “गेमिंग बुरी नहीं है, लेकिन जुआ बुरा है। हमारे युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए।”
“भारत बना सकता है वैश्विक दबदबा”
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो भारत वैश्विक ऑनलाइन गेमिंग बाजार में अपना दबदबा बना सकता है। इसमें रोजगार के बड़े अवसर भी हैं।
लत और नुकसान की चेतावनी
मोदी ने कहा कि कई गेम्स की वजह से लोग प्रभावित हो रहे थे, पैसे बर्बाद कर रहे थे और यहां तक कि गृहिणियां भी इसमें उलझने लगी थीं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जुए की लत परिवारों को तबाह कर रही थी और कई लोग आत्महत्या तक करने लगे थे।
शिक्षकों की भूमिका
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को ऑनलाइन मनी गेम्स के खतरों से अवगत कराएं। उन्होंने कहा— “ऑनलाइन गेमिंग को अब ओलंपिक में भी शामिल किया गया है। प्रतिभा का होना अच्छी बात है, लेकिन इसे लत बनने देना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।



