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CSJMU का 40वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बांटीं 1.02 लाख उपाधियाँ

  • प्रियंका द्विवेदी

कानपुर नगर। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई सभागार में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय का 40वां दीक्षांत समारोह प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” एवं राष्ट्रीय पोषण माह अभियान पर दिए गए भाषण का सीधा प्रसारण भी किया गया।

समारोह में कुल 1,02,536 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 56,993 छात्राएँ और 45,543 छात्र शामिल रहे। छात्राओं ने इस बार हर स्तर पर बढ़त बनाए रखी। 97 पदक प्रदान किए गए जबकि 75 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई, जिनमें 50 महिलाएँ और 25 पुरुष रहे। सभी उपाधियाँ व अंक तालिकाएँ डिजिलॉकर में उपलब्ध कराई गईं।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत व समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों को पुरस्कार नहीं मिला, वे भी पढ़ाई और शोध की प्रक्रिया से ही असली अवार्डी हैं। साथ ही अभिभावकों के त्याग और योगदान को भी उन्होंने विशेष सराहना दी।

अपने उद्बोधन में राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2030 तक 50% छात्रों को उच्च शिक्षा दिलाने का लक्ष्य दोहराया और वर्ष 2047 तक विकसित भारत की दिशा में पर्यावरण संरक्षण, केजी से पीजी तक शिक्षा सर्किल तथा गाँवों को गोद लेने की पहल पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से लाइब्रेरी में समय बिताने और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की सेवा करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी वैक्सीन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए 9 से 16 वर्ष की बच्चियों को यह वैक्सीन लगाने की अपील की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में 8 नए प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और 4 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। साथ ही ए.आर./वी.आर. सिमुलेशन लैब और सुपर कंप्यूटिंग हब फॉर एआई का लोकार्पण किया गया। इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप अवार्ड भी प्रदान किए गए।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्रा ने “विकसित भारत” पर भाषण दिया और स्कूली बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर गीत प्रस्तुत किया। गोद लिए गाँवों के बच्चों को पुरस्कार व पुस्तकें दी गईं और दो विद्यालयों को स्मार्ट पैनल भी प्रदान किए गए।

समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों का सम्मान हुआ, शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया तथा राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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