स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर: अवैध अस्पतालों में हुए 4,730 प्रसव, अब विभाग ने खुद खोली पोल

- मनीष कुमार
कानपुर नगर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने खुद माना है कि अप्रैल से सितंबर के बीच गैर-पंजीकृत (अवैध) अस्पतालों में 4,730 प्रसव कराए गए। हैरानी की बात यह है कि यह खुलासा किसी जांच में नहीं, बल्कि विकास भवन में हुई दिशा समिति की बैठक में विभाग ने स्वयं के आंकड़ों से किया।
जब अधिकारियों से इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित अस्पताल “पंजीकृत तो हैं, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं किया।” विभाग ने ऐसे 25 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है।
सरकार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जननी सुरक्षा योजना और पीएम सुरक्षित मातृत्व दिवस जैसी कई योजनाएं चला रही है, लेकिन कानपुर में इन प्रयासों का असर अपेक्षित रूप से दिखाई नहीं दे रहा।
बैठक में रखे गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 85,549 प्रसव का लक्ष्य दिया गया था। सितंबर तक सरकारी अस्पतालों में 15,735 प्रसव हुए, जबकि गैर-अधिकृत अस्पतालों में 4,730 प्रसव कराए गए। कुल लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 35.85% प्रसव ही हो सके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इन मामलों की जानकारी आशा, एएनएम और सीएचओ के जरिए मिली।
डॉ. रमित रस्तोगी (एसीएमओ) ने बताया—
“जिले में कुल 140 अस्पताल पंजीकृत हैं, जिनमें से 25 अस्पतालों ने प्रसव कराने के बाद HMIS पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं किया था। उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। अब आशा और एएनएम के माध्यम से डाटा फीडिंग कराई जा रही है।”



