STORY / ARTICLE
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समर्थन और विरोध विचारों का होना चाहिए व्यक्ति समाज या रिश्तों का नहीं ………
जो व्यक्ति गलत को गलत कहने की हिम्मत नहीं रखता वह व्यक्ति समानता चाहता है क्यों?कल मैने एक पोस्ट डाली…
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पता नहीं ये बस हमारी मान्यता है या हमारी श्रद्धा का सुखद परिणाम, बात कुछ क्षण पहले की है ………..
पता नहीं ये बस हमारी मान्यता है या हमारी श्रद्धा का सुखद परिणाम, बात कुछ क्षण पहले की है मेरी…
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जो बोया सो काट रहे अब चिंता क्यों परिणाम कीतुमने बच्चों को समझाई कब महिमा प्रभु राम की ………..
कब गीता का पाठ पढ़ाया, कब रामायण समझाईकब समझाया धर्म बड़ा, क्यों दुष्टों पर विपदा आईकब बतलाया जो आया है…
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स्त्री शब्द को सदैव से ही भिन्न -भिन्न रुपों में परिभाषित किया जाता है। स्त्री एक मां है ,बहन है ,बेटी है, पत्नी है !
स्त्री शब्द को सदैव से ही भिन्न -भिन्न रुपों में परिभाषित किया जाता है। स्त्री एक मां है ,बहन है…
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मंजिल तक जो जाती ना हों उन राहों पर जाना क्या अनजाने लोगों को जग में अपना दर्द सुनाना क्या ………
मंजिल तक जो जाती ना हों उन राहों पर जाना क्याअनजाने लोगों को जग में अपना दर्द सुनाना क्याचाहे कुछ…
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मणिपुर में हुए जघन्य कृत्य जिसे लिखते हुए आँखे शर्म से झुक रही है,पर जिन्होंने ये किया वो संवेदना से वस्त्रहीन है ।दर्द बयाँ करके क्या उनका,क्या मैं कुछ बड़ा कर पाऊँगी,कलम से क्या उनको मै न्याय दिल पाऊँगी।
मंच को नमन है लज़्ज़ा शील भूषण ,नारी की आत्मा काक्यो तार तार कियातुमने, आँचल मानवता का। कायर हो तुम…
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दोगला समाज
आजकल दो केस बहुत अधिक चर्चित हैं। एक भारतीय महिला एस .डी .एम और दूसरा पाकिस्तानी महिला का। इन दोनों…
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बेटा बनकर सब कर्ज उतारे, भाई- सा पहरेदार बना ……..
बेटा बनकर सब कर्ज उतारे, भाई- सा पहरेदार बना। बनकर बरगद छाया की सब पर, फिर भी वह बेकार बना।।…
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बारिश की बूंदे ये बातें करती हैं ………
गीत सावन… बारिश की बूंदे ये बातें करती हैं .धरती को छूकर वो सांसे भरती हैं.मीठे मीठे अहसासों के आंगन…
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अर्धांगी हूँ मैं आर्य पुत्र …….
उर्मिला अर्धांगी हूँ मैं आर्य पुत्र ! क्यूँ छोड़ मुझे तुम जाते हो। मैं भार्या,वनिता,नवल वधू, क्यों स्नेह मेरा ठुकराते…
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