NEWS

29 साल की उम्र में MPCA के सबसे युवा अध्यक्ष बने महानआर्यमन सिंधिया

  • समय टुडे डेस्क

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महानआर्यमन सिंधिया ने मंगलवार को मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (MPCA) के अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली। इंदौर के होलकर स्टेडियम में आयोजित एमपीसीए की वार्षिक साधारण सभा (AGM) में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को मंजूरी दी गई।

29 वर्षीय महानआर्यमन एमपीसीए के इतिहास में सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बन गए हैं। पदभार ग्रहण करने से पहले वे पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ खजराना गणेश मंदिर पहुंचे और गणेशोत्सव के दौरान दर्शन किए।

महानआर्यमन ने कहा, “यह मेरे लिए बेहद भावुक पल है। मेरे दादा माधवराव सिंधिया और पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया, दोनों ही एमपीसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं। अब इस जिम्मेदारी को निभाने का अवसर मुझे मिला है।”

शिक्षा और करियर

  • 2008 से 2014 तक दून स्कूल, देहरादून में पढ़ाई।
  • 2019 में अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में स्नातक।
  • लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से इंटरनेशनल रिलेशंस का कोर्स।

प्रोफेशनल सफर की शुरुआत 2014 में भूटान के सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता केंद्र में इंटर्नशिप से हुई। इसके बाद नई दिल्ली के वित्त मंत्रालय, लंदन की क्रिस्टीज, UIDAI, सॉफ्टबैंक और न्यूयॉर्क की मैक्रो एडवाइजरी पार्टनर्स के साथ काम किया।

2019 से 2021 तक मुंबई में बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) में एसोसिएट रहे। इसके अलावा अंडरसाउंड्स एंटरटेनमेंट और जय विलास पैलेस (2021-24) के निदेशक भी रहे। हाल के वर्षों में उन्होंने कुबेर एआई और इथारा एआई जैसे स्टार्टअप लॉन्च किए।

क्रिकेट से जुड़ाव

  • 2022 में ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (GDCA) के उपाध्यक्ष बने।
  • 2024 में मध्य प्रदेश टी-20 लीग की शुरुआत की।
  • 2025 में एमपीसीए अध्यक्ष चुने गए।

शाही विरासत और बिजनेस

ग्वालियर का जय विलास पैलेस, जहां सिंधिया परिवार रहता है, करीब 4,000 करोड़ रुपये की कीमत वाला है। 15 एकड़ में फैले इस महल में 400 से अधिक कमरे, 560 किलो सोना, फ्रांसीसी-फारसी कलाकृतियां, चांदी का रथ और भोजन परोसने वाली चांदी की रेलगाड़ी है।

साल 2022 में महानआर्यमन ने सूर्यांश राणा के साथ मिलकर ‘माईमंडी’ नामक स्टार्टअप शुरू किया, जो ताज़े फल और सब्जियों की ऑनलाइन डिलिवरी करता है। मार्च 2024 तक कंपनी का रेवेन्यू 2.33 मिलियन डॉलर और नेटवर्थ 8.12 मिलियन डॉलर हो चुका था। इस स्टार्टअप में रतन टाटा भी निवेशक रहे हैं।

Related Articles

Back to top button