
विश्व छायांकन दिवस पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता में 75 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, वरिष्ठ छायाकारों को किया गया सम्मानित
- नरेश राठौर
झांसी। विश्व छायांकन दिवस-2026 के अवसर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के ललित कला संस्थान में ‘My Jhansi-My Vision’ छायांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कैमरे की नजर से झांसी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्वरूप को अपनी रचनात्मक दृष्टि के साथ प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने झांसी की ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर प्रकृति के शांत विस्तार, स्थानीय संस्कृति और रोजमर्रा के जीवन के सहज रंगों को अपने कैमरे में कैद किया। प्रतिभागियों के छायाचित्रों में शहर की विविधता के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत रचनात्मक सोच और संवेदनाएं भी दिखाई दीं।
आयोजन केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को अपने शहर, उसकी स्मृतियों और विरासत से जुड़ने तथा उसे एक नई दृष्टि से देखने का अवसर भी मिला। प्रत्येक छायाचित्र में एक दृश्य के साथ कहानी, अनुभूति और किसी खास पल को कैमरे में सहेजने का प्रयास नजर आया।

इस अवसर पर झांसी के वरिष्ठ छायाकार राजीव दुबे एवं नंदकुमार को छायांकन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। नंदकुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छायांकन सही क्षण को पहचानने की कला है। वहीं श्री राजीव दुबे ने कैमरे की तकनीकी बारीकियों और छायाचित्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण स्मृतियों को सहेजने के महत्व पर प्रकाश डाला।
संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पाण्डेय ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए छायांकन केवल तकनीक सीखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अपने आसपास की दुनिया को एक नई दृष्टि से देखने और समझने की कला भी है।
प्रतियोगिता में 75 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता रही, जिससे आयोजन में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी ने कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया।
आयोजकों के अनुसार, एक अच्छा छायाचित्र केवल तस्वीर नहीं होता, बल्कि वह समय का एक छोटा-सा हिस्सा होता है, जिसमें कोई दृश्य, स्मृति और कहानी हमेशा के लिए ठहर जाती है।
इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए आयोजन से जुड़े अतिथियों, सहयोगी मित्रों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।


