सरल और स्पष्ट भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना जरूरी : प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर
- आशीष तिवारी
कानपुर देहात। अंतरराष्ट्रीय सरल भाषा दिवस के अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय सिठमरा में बच्चों ने सुंदर आलेखन के साथ लेखन गतिविधि में भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को सरल, स्पष्ट और आसानी से समझ में आने वाली भाषा के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने बच्चों को संबोधित करते हुए सरल भाषा में लिखने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाध्यापक शनेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि सरकारी, कानूनी और तकनीकी दस्तावेजों सहित सभी प्रकार की लिखित जानकारी को सरल एवं सहज बनाने के उद्देश्य से सरल भाषा आंदोलन को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने इस दिवस की शुरुआत से जुड़े इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2011 में चेरिल स्टीफंस और केट हैरिसन व्हाइटसाइड ने अमेरिकी प्लेन राइटिंग एक्ट की वर्षगांठ के अवसर पर इस पहल को आगे बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को सुंदर लिखावट के साथ स्पष्ट और व्यवस्थित ढंग से लेखन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर सहायक अध्यापक नवीन कुमार दीक्षित ने कहा कि किसी भी जानकारी की वास्तविक उपयोगिता तभी है, जब आम लोग उसे आसानी से पढ़ और समझ सकें। उन्होंने बताया कि सरल भाषा में लेखन के लिए छोटे वाक्यों का प्रयोग करना चाहिए और कठिन तकनीकी या व्यावसायिक शब्दों से बचना चाहिए। इससे पाठकों को जानकारी समझने में आसानी होती है और संवाद अधिक प्रभावी बनता है।
कार्यक्रम में अनुदेशक प्रियंका यादव सहित विद्यालय के बच्चे उपस्थित रहे। गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को सुंदर लेखन, स्पष्ट अभिव्यक्ति और सरल भाषा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।


