गूगल विज्ञापनों के जरिए फर्जी Apple Support वेबसाइट बनाकर विदेशी नागरिकों को बनाते थे शिकार, हवाला के जरिए भारत पहुंचती थी ठगी की रकम
- शालिनी शर्मा
लखनऊ। साइबर अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लखनऊ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड सहित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 31 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, 18 लाख 50 हजार रुपये नकद तथा एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य अभियुक्त अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। गिरोह गूगल विज्ञापनों (AdSense) के माध्यम से फर्जी Apple Customer Support वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर का प्रचार करता था। इन नंबरों पर सहायता के लिए संपर्क करने वाले विदेशी नागरिकों की कॉल VOIP (Voice over Internet Protocol) तकनीक के जरिए सीधे इस कॉल सेंटर तक पहुंचाई जाती थी।
कॉल सेंटर में कार्यरत एजेंट सबसे पहले कॉल करने वाले व्यक्ति का विवरण सत्यापित करते थे। इसके बाद कॉल को तथाकथित “क्लोजर” के पास ट्रांसफर किया जाता था। क्लोजर स्वयं को अमेरिकी सरकारी अधिकारी या एप्पल कस्टमर सपोर्ट प्रतिनिधि बताकर पूर्व निर्धारित स्क्रिप्ट के माध्यम से पीड़ितों को डराते या तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर उनसे धनराशि ठग लेते थे।
जांच में यह भी पता चला कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम विदेश में सक्रिय गिरोह के सदस्य गिफ्ट कार्ड, सोना अथवा नकदी के रूप में एकत्र करते थे। बाद में यह धनराशि हवाला नेटवर्क के माध्यम से भारत भेजी जाती थी। पुलिस से बचने के लिए गिरोह समय-समय पर अपनी कार्यप्रणाली, स्क्रिप्ट और तकनीकी तरीकों में बदलाव करता रहता था। इतना ही नहीं, सामान्य कॉल एजेंटों को वास्तविक साइबर ठगी की पूरी जानकारी भी नहीं दी जाती थी, ताकि पूरे नेटवर्क की गोपनीयता बनी रहे।
लखनऊ पुलिस के अनुसार बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। गिरोह के वित्तीय लेनदेन, विदेशी संपर्कों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध में शामिल पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।


