डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने संभव अभियान 6.0 की समीक्षा कर दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
- ज्योति सिंह
कानपुर नगर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ किया जाएगा तथा बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाली पोषण सेवाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। शुक्रवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला कन्वर्जेंस प्लान समिति की बैठक में उन्होंने संभव अभियान 6.0 के प्रभावी संचालन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।
डीएम ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, स्वास्थ्य और पंचायती राज विभाग को आपसी समन्वय के साथ अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की समय से पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार तथा जरूरत पड़ने पर पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने और डिस्चार्ज के बाद नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने छह माह से कम आयु के शिशुओं की विशेष निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि “छह माह-सात बार” रणनीति के तहत नियमित वजन मापन, एमसीपी कार्ड पर अंकन तथा पोषण स्थिति का आकलन किया जाए। जन्म के समय कम वजन वाले नवजातों की भी सतत निगरानी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण, गर्भावस्था के दौरान वजन की निगरानी, टेक होम राशन वितरण तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सभी पात्र महिलाओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि संभव अभियान 6.0 का संचालन 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” रखी गई है। अभियान के तहत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार के साथ गंभीर एवं मध्यम कुपोषण की रोकथाम पर विशेष फोकस रहेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, परियोजना निदेशक आलोक कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) प्रीति सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


