
रिफ्रेशर कोर्स में देशभर के विशेषज्ञों ने आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर किया मंथन, मरीजों तक नई तकनीकों का लाभ पहुंचाने पर जोर
- मनीष कुमार
कानपुर नगर। कानपुर में आयोजित Indian Medical Association (आईएमए) सीजीपी रिफ्रेशर कोर्स के दौरान चिकित्सा जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में डॉक्टरों ने तेजी से बदल रहे चिकित्सा विज्ञान के साथ खुद को अपडेट रखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में हो रही प्रगति का लाभ हर हाल में आम आदमी तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों की भूमिका को समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
अंगदान प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग
रिफ्रेशर कोर्स के दौरान डॉक्टरों ने अंगदान से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं का मुद्दा उठाया। विशेषज्ञों का कहना था कि वर्तमान नियमों की जटिलता के कारण कई बार जरूरतमंद मरीजों को समय पर अंग नहीं मिल पाता, जिससे उनकी जान पर बन आती है।
इस पर सतीश महाना ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि वह इस विषय पर जल्द ही एक विशेष बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे, जिससे अंगदान की प्रक्रिया तेज हो सके और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।

देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में मुंबई, नई दिल्ली, विशाखापत्तनम और लखनऊ सहित विभिन्न शहरों से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया। इस दौरान कार्डियोलॉजी, डायबिटीज, न्यूरो रेडियोलॉजी, ऑप्थल्मोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए नई चुनौतियों और आधुनिक इलाज पद्धतियों पर प्रकाश डाला। इस रिफ्रेशर कोर्स का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों को नवीनतम चिकित्सा तकनीकों से अवगत कराना था, ताकि वे अपने-अपने संस्थानों में मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।

स्मारिका का भी हुआ विमोचन
आईएमए कानपुर की सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि इस अवसर पर एक विशेष स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इसमें आमंत्रित विशेषज्ञों के अनुभवों के साथ-साथ संस्था द्वारा वर्षभर में किए गए सामाजिक एवं चिकितकीय कार्यों का विस्तृत विवरण शामिल है।
यह स्मारिका भविष्य में डॉक्टरों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शिका साबित होगी। कार्यक्रम के अंत में यह उम्मीद जताई गई कि अंगदान जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार जल्द ही ठोस कदम उठाएगी, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।


