
मानदेय वृद्धि, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की मांग; सांसद आर.के. चौधरी और सीमा राजभर बागी ने दिया समर्थन
- शालिनी शर्मा
लखनऊ। जनपद लखनऊ के मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र में आशा बहुओं ने अपने मानदेय में वृद्धि, पेंशन व्यवस्था लागू करने तथा विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटी आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और शीघ्र समाधान की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से आर. के. चौधरी तथा सीमा राजभर बागी उपस्थित रहीं। इस दौरान आशा बहुओं के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद आर.के. चौधरी को ज्ञापन सौंपकर अपनी प्रमुख मांगों से अवगत कराया और उन्हें सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुरोध किया।
धरने को संबोधित करते हुए सीमा राजभर बागी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन भाजपा सरकार लगातार उनके योगदान की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल सहित हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में आशा बहनों ने निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, फिर भी उन्हें उनके योगदान के अनुरूप सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल सकीं।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आशा कार्यकर्ताओं की हर लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आशा बहनों की सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
धरना स्थल पर मौजूद आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन आज भी उन्हें सम्मानजनक मानदेय, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी की नेत्री रिंकी सिंह, शांति यादव (ब्लॉक प्रमुख, बिसवां), वंदना चतुर्वेदी तथा रीता यादव द्वारा धरना स्थल पर मौजूद सैकड़ों आशा बहनों को भीषण गर्मी और संभावित बारिश से बचाव के लिए छातों का वितरण किया गया। इस सहयोग के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने उनका आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में समाजवादी पार्टी नेताओं ने कहा कि पीडीए की सरकार बनने पर समाज के हर वर्ग, मेहनतकश और कर्मचारियों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी तथा आशा बहनों को उनका उचित मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।


