इंडिगो संकट पर राहुल गांधी का आरोप—“मोदी सरकार के एकाधिकार मॉडल का नतीजा”

- नेहा पाठक
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंडिगो एयरलाइन में हाल में उत्पन्न परिचालन संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी का कहना है कि इंडिगो में उड़ान रद्द होने और देरी जैसी भारी अव्यवस्थाओं के पीछे मोदी सरकार का “एकाधिकार मॉडल” जिम्मेदार है।
पिछले कुछ दिनों से इंडिगो की सैकड़ों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुई हैं जबकि कई फ्लाइट्स घंटों देरी से उड़ान भर रही हैं, जिससे यात्री गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा,
“इंडिगो का संकट इस सरकार के एकाधिकार मॉडल का नतीजा है। एक बार फिर आम भारतीयों को देरी, फ्लाइट रद्द होने और लाचारी की कीमत चुकानी पड़ी है। भारत हर क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हकदार है, ‘मैच फिक्सिंग’ जैसे एकाधिकार का नहीं।”
चालक दल की कमी बना बड़ा कारण
इंडिगो हाल के सप्ताहों में क्रू की भारी कमी से जूझ रही है।
दरअसल, उड़ान ड्यूटी समय (FDTL) से जुड़े नए नियम लागू होने के बाद एयरलाइन को उपलब्ध पायलटों और चालक दल की संख्या में गिरावट का सामना करना पड़ा।
नए FDTL नियमों के अनुसार:
- पायलटों के साप्ताहिक आराम का समय बढ़ाया गया,
- रात में विमान उतरने की संख्या सीमित की गई,
ताकि उड़ान सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।



