
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक में एक्सप्रेसवे, आर्थिक कॉरिडोर और धार्मिक मार्गों की प्रगति पर हुई चर्चा
- अनुराधा सिंह
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ उत्तर प्रदेश में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करने और विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
बैठक में मथुरा-बरेली-सितारगंज राष्ट्रीय राजमार्ग, आगरा-अलीगढ़ मार्ग, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड तथा नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर) संपर्क मार्ग सहित विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।
धार्मिक पर्यटन परियोजनाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने राम वनगमन मार्ग, रामजानकी मार्ग और 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगी।
शामली-गोरखपुर कॉरिडोर को बताया महत्वपूर्ण
बैठक में प्रस्तावित लगभग 742 किलोमीटर लंबे शामली-गोरखपुर चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी तथा औद्योगिक विकास, निवेश, कृषि क्षेत्र और सामरिक दृष्टि से प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को प्रदेश के संतुलित विकास के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच उच्च क्षमता वाला सड़क नेटवर्क विकसित होगा, जिससे उद्योग, व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलेगी।
समयबद्ध निर्माण के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानांतरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी सड़क परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समयसीमा में प्रारंभ और पूर्ण हो सके।


