विधानमंडल दल की बैठक में भाजपा सरकार पर साधा निशाना, शिक्षा, रोजगार, किसानों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया सभागार में रविवार को समाजवादी पार्टी विधानमंडल दल की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की। बैठक में विधानसभा एवं विधान परिषद के सभी सदस्य शामिल हुए। आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति पर विस्तार से चर्चा करते हुए जनहित के प्रमुख मुद्दों को सदन में उठाने का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों, नौजवानों और छात्रों के साथ धोखा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं तथा खाद की बोरियों में भी चोरी की जा रही है। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। युवाओं को रोजगार और आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। नीट सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी विधानसभा सत्र के दौरान किसानों, छात्रों, नौजवानों, शिक्षा, रोजगार और महंगाई सहित जनता से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।

प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (ई-20) से वाहनों की माइलेज और कार्यक्षमता बढ़ती है तथा रखरखाव का खर्च कम होता है, तो ऑटोमोबाइल कंपनियों को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए ताकि लोगों को इसकी सही जानकारी मिल सके।
भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग की भर्तियों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है। उन्होंने एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं में भ्रष्टाचार तथा अयोध्या में श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले में भी सरकार पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर सरकार की मंशा शुरू से ही ठीक नहीं रही और वह शिक्षा संस्थानों के विकास के प्रति गंभीर नहीं है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश के 26,386 विद्यालय बंद हो गए हैं। प्राथमिक विद्यालयों में करीब 28 लाख छात्रों का नामांकन घटा, जिनमें अधिकांश पिछड़े और दलित वर्ग के बच्चे हैं तथा इनमें लगभग 16 लाख छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षकों की संख्या भी लगातार कम हुई है और प्राथमिक विद्यालयों में स्वीकृत पदों में बड़ी कटौती की गई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालयों का विलय या बंदी की गई है। लखीमपुर खीरी, सीतापुर, प्रयागराज और मुख्यमंत्री के गृह जनपद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद कर सरकार गरीब और ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से दूर करने का काम कर रही है।
विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि यह सत्र केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती है और विधानसभा को पर्याप्त महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सदन के भीतर जनता से जुड़े हर मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।


