HomeNEWSएचबीटीयू का आठवां दीक्षांत समारोह संपन्न, 1,071 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

एचबीटीयू का आठवां दीक्षांत समारोह संपन्न, 1,071 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 47 पदक किए प्रदान, तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने और नवाचार को बढ़ावा देने पर दिया जोर

  • ज्योति सिंह

कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू), कानपुर का आठवां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में कुल 1,071 विद्यार्थियों को उपाधियां तथा 47 मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान किए गए। पदक प्राप्त करने वालों में 28 छात्र और 19 छात्राएं शामिल रहीं।

डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराई गईं सभी उपाधियां

दीक्षांत समारोह में सभी उपाधियां एवं अंकपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराए गए। इस दौरान राज्यपाल ने विद्यार्थियों द्वारा डिजिलॉकर के अपेक्षाकृत कम उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए परीक्षा नियंत्रक को इसके कारणों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग समय की आवश्यकता है।

तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की अपेक्षाकृत कम भागीदारी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं, इसलिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी उनकी समान और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर देश का गौरव बढ़ाने का आह्वान किया।

नवाचार और तकनीक से विकसित भारत का निर्माण

राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, डेटा साइंस, हरित ऊर्जा और डिजिटल नवाचार का युग है। ऐसे में तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं की भूमिका केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज की समस्याओं का समाधान खोजते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसशक्तिकरण को नई दिशा दी है। डिजिटल भुगतान, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और तकनीक आधारित सेवाओं ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया है।

आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियों का किया उल्लेख

राज्यपाल ने कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नई तकनीकों का विकास करने वाला राष्ट्र बन चुका है। उन्होंने स्वदेशी युद्धपोत, मेड इन इंडिया सी-295 विमान तथा डीआरडीओ द्वारा विकसित लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए इन्हें आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रमाण बताया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, अटल इनोवेशन मिशन और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को नई गति मिली है।

विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर के निरीक्षण में चिन्हित कमियों को एक से दो माह के भीतर दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन छात्रावासों में वॉशिंग एरिया, रसोईघर, आरओ, वॉशिंग मशीन, कपड़े सुखाने की व्यवस्था तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बालिका छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं आरओ के अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग की व्यवस्था विकसित करने पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि भवनों एवं सार्वजनिक संस्थानों का निर्माण उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर होना चाहिए। भविष्य के अभियंताओं को दीर्घकालिक एवं उपयोगकर्ता-केंद्रित योजना के साथ गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने की सीख देते हुए उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शी नगर नियोजन व्यवस्था का उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान

समारोह के दौरान जनपद उन्नाव के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी किटें वितरित की गईं तथा पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 600 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराया गया। राज्यपाल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों, उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों को सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया तथा नए भवनों का लोकार्पण एवं विद्यार्थियों के लिए वाहन सेवा का शुभारंभ भी किया गया।

समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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