- नेहा पाठक
नई दिल्ली। कथित एपस्टीन फाइल्स को लेकर संसद में सियासी हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने पोस्टर और नारेबाजी के जरिए सरकार पर निशाना साधा।
राहुल गांधी के आरोपों के बाद बढ़ा विवाद
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में संसद में दावा किया कि अमेरिकी न्याय विभाग से जुड़ी एपस्टीन फाइल्स में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आया है। उन्होंने इस मामले पर सरकार से जवाब मांगते हुए सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस मुद्दे से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जानी चाहिए और मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसके बाद विपक्षी दलों ने संसद के भीतर और बाहर विरोध तेज कर दिया।
पुरी का जवाब — “सिर्फ आधिकारिक मुलाकातें”
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उनकी जेफरी एपस्टीन से मुलाकातें केवल आधिकारिक और पेशेवर दायरे में हुई थीं। उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क में कूटनीतिक जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने आठ वर्षों में सिर्फ तीन-चार बार ही एपस्टीन से मुलाकात की थी और इनका किसी भी आपराधिक मामले से कोई संबंध नहीं था।
पुरी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उपलब्ध ईमेल और दस्तावेज सार्वजनिक डोमेन में हैं और उन्हें गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
सियासी बयानबाज़ी तेज
मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं मंत्री पुरी ने विपक्ष पर बिना तथ्यों के आरोप लगाने का आरोप लगाया।


