
बोले- संस्थाओं पर कब्जे की दिशा में बढ़ रही सरकार, विदेश जा रहे भारतीय धन पर भी लगाए रोक
- नेहा पाठक
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एफसीआरए बिल और परिसीमन बिल को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी दोनों बिलों का विरोध कर रही है। सरकार संस्थाओं पर कब्जा करने के उद्देश्य से एफसीआरए बिल ला रही है और इसके जरिए ऐसी संस्थाओं को डराया जाएगा, जिन्हें अच्छे कार्यों के लिए विदेश से आर्थिक सहायता मिलती है।
सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार एफसीआरए के जरिए अल्पसंख्यकों को परेशान करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कई संस्थाएं संचालित हो रही हैं और एक बड़े शहर में भाजपा के एक मंत्री द्वारा एक संस्था पर कब्जा किए जाने का आरोप भी लगाया।
भाजपा पर भूमाफिया होने का आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा बहुत बड़ी भूमाफिया पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। जहां खाली जमीन या तालाब दिखाई देता है, वहां कब्जा करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने अयोध्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पवित्र नगरी में भी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनों के दाम कुछ ही समय में कई गुना बढ़ाकर बेचे गए।
विदेश जाने वाले भारतीय धन पर भी रोक लगाने की मांग
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के पुराने वादों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने कभी कहा था कि देश का पैसा विदेश नहीं जाएगा और विदेशों में जमा काला धन वापस लाया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि जब कई लोग बैंकों का पैसा लेकर विदेश चले गए तो उनके खिलाफ क्या कानून बनाया गया और सरकार ने क्या कार्रवाई की?
उन्होंने कहा कि सरकार विदेश से पैसा भारत में आने पर पाबंदी लगाने की बात कर रही है, लेकिन भारत का पैसा विदेश चला जाए, इस पर कोई प्रभावी रोक नहीं दिखाई देती। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि विदेश जाने वाले धन पर रोक कब लगाई जाएगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से पैसे वालों के अच्छे दिन आए हैं। सरकार को अपने पुराने नारों को याद करना चाहिए और बताना चाहिए कि काला धन वापस लाने तथा लोगों को पैसा लेकर देश से भागने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए।
सवालों से भाग रही भाजपा सरकार : अखिलेश
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार सवालों से भाग रही है। लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर संसद में भेजती है और विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना होता है, लेकिन सरकार सवालों का जवाब नहीं देना चाहती।
उन्होंने दिल्ली में छात्रों और नौजवानों के आंदोलनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं और बड़ी संख्या में छात्र अस्पताल में भर्ती हुए।
अखिलेश यादव ने इलाहाबाद में छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे बच्चों पर भी मुकदमे दर्ज किए गए जो आंदोलन में शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले कहा था कि किसी पर मुकदमा नहीं होगा और किसी को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन बाद में सरकार अपने वादे से मुकर गई।
परिसीमन बिल पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने परिसीमन बिल को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार परिसीमन बिल लाकर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलना चाहती है, लेकिन देश की सीमाओं की चिंता नहीं कर रही है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि वर्ष 2014 में देश का क्षेत्रफल और सीमाएं कितनी थीं और वर्तमान में क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलने की बात की जा रही है, लेकिन देश की सीमाओं को लेकर सरकार स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में सक्षम नहीं है और इसके बावजूद निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को बदलने की तैयारी की जा रही है।
ममता बनर्जी पर हमले को बताया निंदनीय
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले को लेकर अखिलेश यादव ने इसे बेहद दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं। यदि उन पर सरकार द्वारा हमला कराया जा रहा है तो यह अत्यंत निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन इतनी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान नहीं होना चाहिए। ममता बनर्जी को पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।


