गुरु के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश, शिक्षा-संस्कार और श्रद्धा से जीवन में सफलता का आह्वान
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जय नारायण विद्या मंदिर के मारुति सभागार में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि वेदव्यास के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। विद्यालय परिसर गुरु वंदना और आध्यात्मिक वातावरण से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम में कक्षा 11 की छात्रा काव्या सिंह एवं कक्षा 12 के छात्र अंशुमान शुक्ल ने गुरु के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु की गरिमा और उनके मार्गदर्शन की महत्ता का प्रभावशाली वर्णन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने सभी को गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों का स्मरण कराया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु का सम्मान तभी सार्थक होता है, जब विद्यार्थी उनके बताए आदर्शों और मूल्यों का अपने जीवन में पालन करें। उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि महान गुरुओं के मार्गदर्शन में ही उनके शिष्यों ने विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। स्वामी विवेकानंद, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण तथा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे महान व्यक्तित्वों की सफलता के पीछे उनके गुरुओं का अमूल्य योगदान रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, श्रद्धा और सम्मान को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर उपप्रधानाचार्या डॉ. नमिता गुप्ता, कार्यक्रम प्रभारी वीरेंद्र दीक्षित सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दिलाकर किया गया।


