
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया, जांच की मांग की
- तरुण कुमार
उरई (जालौन)। समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर आरक्षण व्यवस्था में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में विभिन्न सरकारी विभागों में हुई भर्तियों के दौरान पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के आरक्षित पदों पर व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं।
दीपराज गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभिन्न विभागों की 22 भर्ती परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं और आरक्षण से संबंधित 11,514 पदों पर कथित रूप से अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने इस संबंध में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संविधान और आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पीडीए वर्ग के लोग अब इन मुद्दों को समझ चुके हैं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों को उठाने वालों पर सरकार मुकदमे दर्ज कराती है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर समाजवादी पार्टी को अवसर देगी। उनके अनुसार सपा सरकार बनने पर आरक्षण से जुड़े मामलों और भर्ती प्रक्रियाओं की जांच कराई जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर नारायण दास अहिरवार, श्रीराम पाल, सुरेंद्र यादव, जमालुद्दीन, मान सिंह वर्मा, वीरेंद्र सिंह यादव, समर सिंह चौहान, अजहर बेग, दीपू त्रिपाठी, आनंद यादव, जीवन प्रताप वाल्मीकि, महेंद्र कठेरिया, भानू राजपूत, विवेक यादव, महेश द्विवेदी, महेश चंद्र विश्वकर्मा, परमात्मा शरण फौजी, वेद प्रकाश यादव, इमरान उल्ला, कुसुम सक्सेना, रश्मि पाल, रामेंद्र त्रिपाठी, राहुल पिरौना, पंकज दीक्षित, शैलेन्द्र श्रीवास, सलमान सिद्दीकी, महेश शिरोमणि, बबलू अहिरवार, गुलाब जाटव, सुनील पाल, कमलेश राठौर, प्रताप सिंह यादव, दशरथ सिंह पाल, जीनू कोरी, आंसू पाल, प्रमोद औंता, बब्बू राजा और देवेंद्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नोट: प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोप समाजवादी पार्टी नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।


