महिला बैरक में सुविधाओं, कानूनी सहायता और पुनर्वास व्यवस्थाओं की ली जानकारी, परिसर में किया फलदार पौधारोपण
- विमल कुमार
मैनपुरी। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. बबिता सिंह चौहान ने आज जिला कारागार मैनपुरी का निरीक्षण कर महिला बैरक में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला बंदियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, कानूनी सहायता एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
डॉ. बबिता सिंह चौहान ने कारागार प्रशासन से बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी बंदियों को मानक के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बंदियों के गरिमापूर्ण जीवन, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, सुरक्षा और पुनर्वास कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों को प्रदान की जा रही कानूनी सहायता, परामर्श सेवाओं तथा पुनर्वास से जुड़े प्रयासों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी होना चाहिए, जहां बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर डॉ. बबिता सिंह चौहान ने कारागार परिसर में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक फलदार पौधे का रोपण भी किया। उन्होंने पौधरोपण को प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
निरीक्षण के दौरान कारागार अधिकारियों ने उन्हें व्यवस्थाओं एवं संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। डॉ. चौहान ने कारागार प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए बंदियों के हितों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखने पर बल दिया।


