निर्माण कार्यों में देरी पर DM सख्त, अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन रोका

- प्रियंका द्विवेदी
कानपुर नगर। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान कई परियोजनाओं में हो रही देरी पर उन्होंने नाराजगी जताई।
डीएम ने जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देश दिया कि 10 नंबर तक तय समय सीमा के बाद भी अधूरे पड़े निर्माण कार्यों की सूची प्रस्तुत करें। वहीं, बैठक में बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले भूमि संरक्षण विभाग और दक्षिणांचल विद्युत वितरण खंड के अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए गए।
समीक्षा बैठक में मंडलीय संयुक्त माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे। यूपी सिडको द्वारा किए जा रहे इस कार्य पर डीएम ने असंतोष जताया।
टास्क फोर्स निरीक्षण में कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अर्थ एवं संख्या अधिकारी को संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई हेतु पत्र जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन परियोजनाओं में गुणवत्ता संबंधी शिकायतें या कार्य न होने की पुष्टि हुई है, उन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्माण परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करें और प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, जिला विकास अधिकारी आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



