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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश, बोलीं— महिला नेतृत्व से ही बनेगा विकसित भारत

  • नेहा पाठक

नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के समग्र विकास में महिलाओं की सशक्त और सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व के बिना ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार नहीं किया जा सकता।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान और ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ को महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किए गए राष्ट्रीय प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ के तहत अब तक 57 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें लगभग 56 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाएं पारंपरिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए स्वयं सहायता समूहों, कृषि, अंतरिक्ष, सशस्त्र बलों, स्वरोजगार, खेल और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 10 करोड़ से अधिक महिलाएं देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

खेल जगत में महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों ने वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने महिला क्रिकेट विश्व कप और नेत्रहीन महिला टी20 विश्व कप में भारत की जीत, साथ ही शतरंज विश्व कप के फाइनल में दो भारतीय महिलाओं की भागीदारी को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में महिला प्रतिनिधियों की हिस्सेदारी लगभग 46 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कानून राजनीतिक सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने किसानों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और समाज की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत के बल पर भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने किसानों के लिए उचित मूल्य, कम ब्याज दरों पर ऋण, फसल बीमा, बेहतर बीज, सिंचाई सुविधाएं और आधुनिक कृषि तकनीकों को सरकार की प्राथमिकता बताया।

राष्ट्रपति ने ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ और ‘पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना’ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य किसानों और गरीब वर्ग को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग 81 करोड़ लोगों को सहायता मिल रही है।

अंत में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 26 जनवरी 1950 को संविधान के लागू होने के साथ ही भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ और सच्चे अर्थों में स्वशासन की नींव पड़ी।

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