ग्रीन उन्नाव अभियान के तहत तीन वर्षों में 20 हजार से अधिक पौधे लगवाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निभाई अहम भूमिका
- गौरव मिश्रा
उन्नाव। पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए जनपद के पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी एवं सब इंस्पेक्टर अनूप कुमार मिश्रा को “प्रकृति पर्यावरण प्रहरी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें लखनऊ में एलिस महिला प्रशिक्षण संस्थान के स्थापना दिवस पर आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
समारोह में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभिन्न हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष पर्यावरण परिचर्चा में अनूप मिश्रा ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता और वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान व्यापक वृक्षारोपण और प्रदूषण नियंत्रण के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि पेड़ न केवल वातावरण में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर पर्यावरण को शुद्ध बनाते हैं, बल्कि तापमान नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अनूप मिश्रा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को पीपल, बरगद, नीम जैसे छायादार एवं फलदार वृक्षों का अधिक से अधिक रोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जनसहयोग से संचालित “ग्रीन उन्नाव अभियान” के तहत पिछले तीन वर्षों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 20 हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस अभियान का उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार करने के साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना भी है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अनूप मिश्रा ने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि न मानते हुए जनपदवासियों एवं अभियान से जुड़े सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। यदि सभी लोग मिलकर वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण के लिए आगे आएं, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।


