HomeHealthप्रेग्नेंसी में आम खाने से बढ़ती है शुगर? जानिए कितनी मात्रा है...

प्रेग्नेंसी में आम खाने से बढ़ती है शुगर? जानिए कितनी मात्रा है सुरक्षित

सीमित मात्रा में आम का सेवन मां और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद, लेकिन डायबिटीज में बरतें सावधानी

समय टुडे डेस्क। गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल आम स्वाद और पोषण से भरपूर होता है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि क्या आम खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकती है। खासतौर पर जेस्टेशनल डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रही महिलाओं के लिए यह चिंता अधिक रहती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य गर्भावस्था में सीमित मात्रा में आम का सेवन सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, अधिक मात्रा में आम खाने से शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है, इसलिए संतुलित सेवन आवश्यक है।

पोषक तत्वों से भरपूर है आम

आम में विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व गर्भस्थ शिशु के विकास और मां की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। विशेष रूप से फोलेट गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क एवं न्यूरल ट्यूब के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

क्या आम खाने से बढ़ सकती है शुगर?

आम में प्राकृतिक शर्करा जैसे फ्रक्टोज, ग्लूकोज और सुक्रोज मौजूद होते हैं। अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह ब्लड ग्लूकोज के स्तर को बढ़ा सकता है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि गर्भवती महिलाओं को आम का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित मात्रा में फल स्वस्थ आहार का हिस्सा हो सकते हैं। लेकिन जिन महिलाओं को जेस्टेशनल डायबिटीज या मधुमेह की समस्या है, उन्हें कार्बोहाइड्रेट और शुगर के सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कितनी मात्रा में खाना है सुरक्षित?

डायटीशियनों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान प्रतिदिन लगभग 100 ग्राम या एक छोटा आम खाना पर्याप्त माना जाता है। इसे एक बार में खाने के बजाय दो भागों में बांटकर खाना अधिक लाभदायक हो सकता है।

सुबह नाश्ते के बाद आधा आम और शाम के समय आधा आम खाने से शरीर में शुगर का स्तर अचानक बढ़ने की संभावना कम हो सकती है।

कब खाना चाहिए आम?

विशेषज्ञों के अनुसार, आम का सेवन दिन के समय करना बेहतर होता है। रात में या भोजन के तुरंत बाद आम खाने से अतिरिक्त कैलोरी और शुगर शरीर में जमा हो सकती है। इसके अलावा आम को आइसक्रीम, मीठे शेक या अतिरिक्त चीनी के साथ खाने से बचना चाहिए।

किन महिलाओं को बरतनी चाहिए सावधानी?

निम्न स्थितियों में आम का सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए—

  • जेस्टेशनल डायबिटीज
  • अनियंत्रित ब्लड शुगर
  • प्रीडायबिटीज
  • मोटापे का अधिक जोखिम

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गर्भावस्था के दौरान ब्लड शुगर से जुड़ी कोई समस्या है, तो आम को आहार में शामिल करने से पहले चिकित्सक या डायटीशियन की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments