6 और 11 नवंबर को मतदान, 14 नवंबर को मतगणना
- संगम झा
पटना। चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा। पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को संपन्न होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
2015 के विधानसभा चुनाव में राजद ने 18.8% वोट शेयर के साथ 80 सीटें, कांग्रेस ने 6.8% वोट के साथ 27 सीटें, और जदयू ने 17.3% वोट शेयर के साथ 71 सीटें जीती थीं। उस समय भाजपा ने 25% वोट शेयर के साथ 53 सीटें, जबकि अन्य दलों ने 22.5% वोट शेयर के साथ 8 सीटें हासिल की थीं।
महागठबंधन की यह साझेदारी अधिक समय तक नहीं चली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2017 में राजद-कांग्रेस गठबंधन से नाता तोड़कर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में वापसी की और सरकार बनाई। उस सरकार में सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री बने।
2020 के चुनाव में नीतीश कुमार ने फिर से एनडीए के साथ गठबंधन किया और 125 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। लेकिन अगस्त 2022 में उन्होंने भाजपा से संबंध तोड़ दिए और राजद-कांग्रेस के साथ महागठबंधन सरकार बना ली। इस दौरान नीतीश कुमार भारत गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) के प्रमुख नेताओं में से एक बने।
हालांकि, राजद के साथ यह गठबंधन लगभग दो साल ही चला। जनवरी 2024 में नीतीश कुमार ने फिर से एनडीए में वापसी की और भाजपा के साथ नई सरकार बनाई। इस बार एनडीए में जदयू, भाजपा, चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास), जीतनराम मांझी की हम पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा शामिल हैं।
आगामी चुनाव में एनडीए का मुकाबला तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले भारत ब्लॉक से होगा, जिसमें राजद, कांग्रेस, भाकपा (माले), भाकपा, माकपा और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। वहीं, प्रशांत किशोर की नई पार्टी जन सुराज भी इस बार मैदान में उतर रही है।
एनडीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र व राज्य की योजनाओं पर भरोसा कर रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की, जिसके तहत 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में ₹10,000 की सहायता राशि भेजी गई। इसके अलावा उन्होंने बिहार में 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय भी शामिल है।
भाजपा अपने चुनाव प्रचार में लालू यादव के शासनकाल के कथित भ्रष्टाचार और अपराध के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठा रही है।
दूसरी ओर, तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला इंडिया ब्लॉक तीन प्रमुख मुद्दों पर चुनाव अभियान चला रहा है —
1️⃣ मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप,
2️⃣ जाति जनगणना और आरक्षण बढ़ाने का वादा,
3️⃣ बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों की कमी।
इस बीच, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची भी जारी कर दी है। सूची के अनुसार, राज्य में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं। मसौदा सूची से लगभग 65 लाख नाम हटाए गए हैं, जबकि 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, पटना के 14 विधानसभा क्षेत्रों में 1.63 लाख, मधुबनी में 85,645, और नालंदा के सात विधानसभा क्षेत्रों में 56,423 नए मतदाता जुड़े हैं।


