HomeNEWSमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड विभाग की समीक्षा में दिए महत्वपूर्ण निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड विभाग की समीक्षा में दिए महत्वपूर्ण निर्देश

आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर

  • अनुराधा सिंह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि होमगार्ड संगठन प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा जनसेवा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभाग के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण क्षमता विस्तार, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण तथा मानव संसाधन विकास से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि पुलिस और होमगार्ड जवान समाज के “फर्स्ट रिस्पांडर” होते हैं, जो किसी भी घटना में सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं, इसलिए उन्हें सीपीआर (CPR) और फर्स्ट एड की अनिवार्य ट्रेनिंग दी जाए ताकि आपात स्थिति में प्रभावी सहायता प्रदान की जा सके।

मुख्यमंत्री ने एनरोलमेंट (भर्ती) प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों और उनके परिवारों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में बताया गया कि सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में नामित आश्रितों को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता दी जा रही है। दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में कुल ₹157.65 करोड़ की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन को एक आधुनिक, सक्षम, अनुशासित और जनसेवा के लिए सदैव तत्पर बल के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

नागरिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा, आपदा प्रबंधन क्षमता बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने नागरिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि इसकी भूमिका केवल युद्धकालीन परिस्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव, जनजागरूकता और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव, अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, खोज एवं बचाव तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विभाग की क्षमताओं को और मजबूत किया जाए। स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए तथा अधिक से अधिक नागरिकों को इन गतिविधियों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों को भी सिविल डिफेंस प्रशिक्षण से जोड़ा जाए और उन्हें सीपीआर व फर्स्ट एड की ट्रेनिंग दी जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिक सुरक्षा की महायोजनाओं को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा आवश्यकता अनुसार स्वयंसेवकों की भर्ती पूरी की जाए। नवनियुक्त स्वयंसेवकों को आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे किसी भी आपदा से प्रभावी रूप से निपट सकें।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments