रघुवीर लाल बनाए गए कानपुर के नए पुलिस कमिश्नर, 1997 बैच के IPS अफसर हैं

- प्रियंका द्विवेदी
कानपुर नगर। कानपुर के नए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल बनाए गए हैं। रघुवीर लाल 1997 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वह मौजूदा समय में एडीजी सुरक्षा के पद पर तैनात हैं। वह अखिल कुमार की जगह लेंगे। अखिल कुमार का बीते दिनों तबादला कर दिया गया था। अखिल कुमार की तबादला 25 अगस्त को केंद्र में डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन में प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर हुआ था। गृह विभाग ने 29 अगस्त को प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर अखिल कुमार को तत्काल केंद्र सरकार के लिए रिलीव करने का आदेश भी दिया था।
रघुवीर लाल मूल रूप से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के रहने वाले हैं। वह लंबे समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रह चुके हैं। लोकसभा सचिवालय की सुरक्षा में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात रह चुके हैं। लखनऊ के पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने से पहले रघुवीर लाल राजधानी के पहले और आखिरी एसपी कानून व्यवस्था थे।
वर्तमान पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने अपनी तैनाती के दौरान अधिवक्ता अखिलेश दुबे समेत कई बड़ी कार्रवाई की हैं। नए पुलिस कमिश्नर के आने के बाद यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि अखिलेश दुबे के खिलाफ चल रही कार्रवाई इसी रफ्तार से चलती रहेगी या फिर सुस्त पड़ जाएगी। कमिश्नरेट का दावा है कि एक्शन आगे भी इसी प्रकार से जारी रहेगा।
अपराधियों को पकड़ने के लिए थाना प्रभारियों के साथ देते थे दबिश
शहर के नए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल अपराधियों की हर नस जानते हैं। उन्हें कार्यालय से कहीं ज्यादा फील्ड का अनुभव है। 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी रघुवीर लाल का जन्म उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुआ। आईपीएस बनने के बाद सोनभद्र और चित्रकूट में बतौर एसपी रहे। इस दौरान नक्सलियों और डकैतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। अलीगढ़, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद में एसएसपी की जिम्मेदारी संभाली।
लखनऊ में एसएसपी कानून व्यवस्था के पद पर तैनात रहे। वह अपराधियों को पकड़ने के लिए कई बार थाना प्रभारियों के साथ दबिश देने गए। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान उन्हें ओएसडी के रूप में तैनात किया गया था। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वह लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव (सुरक्षा) के पद पर रहे। उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2023 पर विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। प्रतिनियुक्ति से वापसी के बाद उन्हें एडीजी सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।



