
महिला बैरक में सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पुनर्वास व्यवस्थाओं की समीक्षा, परिसर में किया पौधरोपण
- प्रतीक कुमार
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष (राज्यमंत्री स्तर) डॉ. बबीता सिंह चौहान ने मंगलवार को जिला कारागार सिद्धार्थनगर का निरीक्षण कर महिला बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने महिला बैरक का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, आवासीय व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. बबीता सिंह चौहान ने महिला बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है तथा शासन की प्राथमिकता कारागार में महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, आत्मचिंतन और पुनर्वास का केंद्र भी है, जहां से व्यक्ति समाज की मुख्यधारा में सकारात्मक सोच के साथ लौट सकता है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने महिला बैरक की साफ-सफाई, अनुशासन और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला बंदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निरंतर प्रभावी बनी रहें तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि महिला बंदियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, कौशल विकास, योग, परामर्श तथा सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित हो सकें। साथ ही समाज से भी सुधारात्मक व्यवस्था को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की अपील की।
निरीक्षण के दौरान डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कारागार परिसर में पौधरोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य की नींव है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और बंदियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने कारागार में संचालित सुधारात्मक एवं कल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप महिला बंदियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और सुधारात्मक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है।
कार्यक्रम में डिप्टी जेलर मुकेश प्रकाश, अजीत चंद, महेश सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय सिंह सहित जिला कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


