भाजपा भेदभाव की राजनीति करती है, किसानों के हितों पर खतरा: अखिलेश यादव

- नेहा पाठक
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भेदभावपूर्ण राजनीति करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा न केवल राजनीति में बल्कि न्याय दिलाने में भी भेदभाव करती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से किसानों और खेती-किसानी को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कृषि से जुड़े उत्पाद और अन्य आवश्यक वस्तुएं विदेशों से आयात की जाएंगी तो देश के किसानों की उपज का क्या होगा और क्या उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिल पाएगा?
उन्होंने अमेरिका के साथ संभावित व्यापारिक समझौते पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे भारतीय कृषि क्षेत्र को नुकसान हो सकता है। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूर्व में तीन कृषि कानून लेकर आई थी, जिन्हें व्यापक विरोध के बाद वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब सरकार देश के बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोल रही है, जिससे किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि विदेशी उत्पाद बाजार पर हावी होंगे तो किसान क्या उगाएंगे, क्या बेचेंगे और कैसे अपनी आजीविका चलाएंगे। उन्होंने किसानों की आय, बच्चों की शिक्षा, बुजुर्गों के इलाज और परिवार के भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
सपा प्रमुख ने कहा कि किसानों को नुकसान पहुंचाकर कोई भी सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने केंद्र सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि विदेशी समझौतों के तहत देश के हितों से समझौता क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां खेती-किसानी के खिलाफ रही हैं और सरकार पर बिचौलियों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने किसानों से जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र की सुरक्षा और मजबूती देश की प्राथमिकता होनी चाहिए।



