भाजपा बेईमानी से सत्ता में आई, 2027 में उसका सफाया होगा: अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा क्षेत्र हैं और अब अगले विधानसभा चुनाव में 403 दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में भाजपा को प्रदेश में अपने 10 साल और केंद्र में 12 साल, यानी कुल 22 साल का हिसाब जनता को देना होगा।
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में कई सीटों पर बेईमानी नहीं हुई होती तो दिल्ली में भाजपा की सरकार नहीं बनती। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भी भाजपा ने बेईमानी के जरिए सत्ता हासिल की और 2022 का विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद सरकार बना ली। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का सफाया हो जाएगा।
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव से सीख लेते हुए पीडीए (पीड़ित, दुखी और अपमानित) के नारे के तहत लोगों को एकजुट किया। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों से लोग दुखी, पीड़ित और अपमानित हुए हैं, जिसका परिणाम यह रहा कि भाजपा अयोध्या लोकसभा सीट भी हार गई।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से देश का सौहार्द और सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान संतों और महिलाओं के सम्मान से रही है और यहां की संस्कृति हमेशा से मिली-जुली रही है, लेकिन भाजपा ने इसे नुकसान पहुंचाया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी कानून के राज को स्थापित करने के साथ सामाजिक न्याय की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज संविधान खतरे में है और पीडीए वर्ग के लोग इसे अपनी सुरक्षा का आधार मानते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करना समाज के पीड़ित और वंचित वर्गों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड टूट गए हैं। उन्होंने प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर गांजा पकड़े जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की बात करती है, जबकि बड़े शहरों में नशे का कारोबार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दलों का मानना है कि वोट काटने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन की तिकड़ी लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याएं बढ़ रही हैं। किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी खराब है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे, आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा और पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में लोगों को नोटबंदी, कोविड और खाद जैसी समस्याओं के दौरान लंबी लाइनों में लगना पड़ा और अब रसोई गैस के लिए भी लोग परेशान हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से हटाकर बदलाव लाने का फैसला करेगी।



