संसद में गूंजा कानपुर का सम्मान: सांसद रमेश अवस्थी ने अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी को ‘भारत रत्न’ देने की उठाई मांग

संसद के शून्यकाल में उठी मांग, प्रताप के जरिए अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष और दंगों में लोगों की जान बचाते हुए दी शहादत को बताया सम्मान का आधार
- प्रियंका द्विवेदी
कानपुर नगर। संसद के शून्यकाल के दौरान कानपुर से सांसद रमेश अवस्थी ने महान स्वतंत्रता सेनानी, निर्भीक पत्रकार और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई।
सांसद अवस्थी ने कहा कि विद्यार्थी जी ने अपने प्रसिद्ध समाचार पत्र ‘प्रताप’ के माध्यम से ब्रिटिश शासन के अत्याचारों के खिलाफ निर्भीक आवाज बुलंद की। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को वैचारिक मजबूती प्रदान की और क्रांतिकारियों, विशेष रूप से भगत सिंह, को समर्थन देकर आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि 25 मार्च 1931 को कानपुर में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान निर्दोष लोगों की जान बचाते हुए विद्यार्थी जी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जो उनके साहस, मानवता और त्याग का अद्वितीय उदाहरण है।
इस अवसर पर सांसद अवस्थी ने उनकी शहादत स्थली के संरक्षण व सुंदरीकरण, ‘प्रताप प्रेस’ को राष्ट्रीय पत्रकारिता संग्रहालय के रूप में विकसित करने तथा उनकी प्रतिमा को विधानसभा और लोकसभा परिसर में स्थापित करने की भी मांग रखी।
उन्होंने कहा कि देश के इस महान सपूत के अतुलनीय योगदान को देखते हुए उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।



