ट्रांसजेंडर बिल के विरोध में समाजवादी किन्नर सभा का प्रदर्शन

- अभिषेक कुमार
लखनऊ। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में समाजवादी किन्नर सभा द्वारा विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष किन्नर पायल सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया
विरोध के दौरान कशिश किन्नर, तराना किन्नर, लविस्का किन्नर, फिजा किन्नर, कुक्कू किन्नर, प्रियंका किन्नर और लव किन्नर सहित अन्य नेताओं ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन एसीपी हजरतगंज, लखनऊ को सौंपा।

विधेयक को लेकर जताई आपत्ति
ज्ञापन में कहा गया कि 25 मार्च 2026 को संसद द्वारा पारित यह विधेयक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान के आधार को बदलने का प्रयास करता है, जिससे लाखों लोगों के संवैधानिक रूप से संरक्षित अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि विधेयक में “ट्रांसजेंडर व्यक्ति” की परिभाषा को सीमित कर दिया गया है, जिससे केवल कुछ विशेष सामाजिक-सांस्कृतिक समुदायों जैसे हिजड़ा, किन्नर, अरावनी, जोगता और इंटरसेक्स तक ही सीमित कर दिया गया है।
अन्य समुदायों के बाहर होने का आरोप
किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि इस परिभाषा के कारण ट्रांस पुरुष, ट्रांस महिला, नॉन-बाइनरी और जेंडर-फ्लूइड व्यक्तियों को कानूनी मान्यता से बाहर कर दिया गया है। इसे उन्होंने “संरचनात्मक बहिष्करण” बताते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की।
प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उक्त संशोधन विधेयक को मंजूरी न दी जाए और ट्रांसजेंडर समुदाय के सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी को समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिल सके।



