दो सीओ ट्रैफिक पर जांच, डीजीपी ने दिए दुर्घटना नियंत्रण के कड़े निर्देश
- सौरभ शुक्ला
लखनऊ। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम न उठाने पर प्रदेश में सख्त कार्रवाई करते हुए 5 थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके साथ ही दो सीओ ट्रैफिक के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर की गई। मुख्यालय द्वारा चयनित 487 थानों की समीक्षा में 46 थानों में सड़क हादसों में वृद्धि पाई गई, जिनमें से 6 थानों पर स्थिति गंभीर होने पर संबंधित प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
लाइन हाजिर किए गए थाना प्रभारियों में वाराणसी के चोलापुर के दीपक कुमार, गोरखपुर के कैम्पियरगंज के जितेंद्र सिंह, कन्नौज के छिबरामऊ के विष्णुकांत तिवारी, बाराबंकी के रामसनेहीघाट के जगदीश प्रसाद शुक्ला, अलीगढ़ के जवां के धीरज यादव तथा जौनपुर के सिकरारा के उदय प्रताप सिंह शामिल हैं। वहीं, बाराबंकी के सीओ ट्रैफिक आलोक कुमार पाठक और जौनपुर के सीओ ट्रैफिक गिरेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ लापरवाही के आरोप में जांच शुरू की गई है।

डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति, आगामी त्योहारों की सुरक्षा, आईजीआरएस मामलों के निस्तारण, जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) लक्ष्य और ट्रैफिक जाम कम करने की योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों की विवेचना 60 दिन और गंभीर मामलों की 90 दिन के भीतर पूरी कर आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किए जाएं। साथ ही न्यायालय परिसरों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
डीजीपी ने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में सुधार हुआ है, लेकिन कुछ जिलों में अभी और प्रयास की आवश्यकता है। साथ ही सभी विवेचकों को ई-साक्ष्य के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश भी जारी किए गए।


