पुराने शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग—सैकड़ों शिक्षकों ने जताया विरोध, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
- शुभम शुक्ला
औरैया। दिबियापुर में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर सोमवार को व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया।
अवंती बाई पार्क में सैकड़ों की संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन कर सरकार एवं न्यायालय से इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। इसके पश्चात शिक्षकों ने कैंडल मार्च निकालकर फफूंद चौराहे तक शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।
इटावा समेत विभिन्न जनपदों से आए शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। इटावा जिलाध्यक्ष अमन यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सितंबर 2025 तक सभी शिक्षकों के लिए दो वर्षों के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है, जिससे लाखों वरिष्ठ शिक्षकों के समक्ष नौकरी का संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ यह निर्णय अन्यायपूर्ण है और उनके अधिकारों का हनन करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस अवसर पर एबीटीसी जिलाध्यक्ष अनुप तिवारी, टीएससीटी जिलाध्यक्ष केशव दीक्षित सहित अन्य पदाधिकारियों ने शिक्षकों से एकजुट रहने का आह्वान किया। वहीं जिला मंत्री महेश्वरी प्रसाद ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की।
प्रदर्शन में विपिन दीक्षित, रामाधार, अभिषेक अंबेडकर, पुष्पेंद्र यादव, देवेंद्र राजपूत, विशाल गौतम, आशीष कुमार, अखिलेश सक्सेना, शिवप्रताप, गौरव सक्सेना, विमलेश कुमार, सुदेश कुमार, श्रीप्रकाश, अमित पाल, नरेंद्र सिंह, अवधेश कुमार चतुर्वेदी, रोहित यादव, अवनींद्र ज्ञान प्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।


