महिला आरक्षण, परिसीमन और महिलाओं के अधिकारों को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप, सपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से ‘अति निंदा प्रस्ताव’ पारित
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपस्थिति में लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर सपा विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के खिलाफ ‘अति निंदा प्रस्ताव’ सर्वसम्मति से पारित किया गया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने भी प्रस्ताव पारित होने की घोषणा की।
प्रस्ताव में भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर दिखावा करने का आरोप लगाया गया। सपा ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ हासिल करना है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा विपक्ष के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रही है, जबकि यह बिल सभी दलों के सहयोग से पारित हुआ था।

सपा विधायक दल ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण में पिछड़ी और अल्पसंख्यक महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है। प्रस्ताव में भाजपा पर महिला विरोधी सोच रखने और समाज के वंचित वर्गों के साथ भेदभाव करने के आरोप भी लगाए गए।
प्रस्ताव में विभिन्न राज्यों की घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा पर महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाया गया। सपा ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर भाजपा की नीतियां केवल दिखावटी हैं।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि भाजपा संगठन में महिलाओं को पर्याप्त अवसर और सम्मान नहीं दिया जाता, साथ ही कार्यस्थलों पर भी उनके लिए सकारात्मक माहौल नहीं बनाया जाता। सपा ने भाजपा पर महिलाओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वास्तविक सशक्तीकरण के लिए ठोस कदम जरूरी हैं।


