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पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा

अप्रैल माह की घटनाओं, अपराध नियंत्रण, ई-साक्ष्य, जनसुनवाई एवं विभिन्न अभियानों की प्रगति पर हुई समीक्षा; डीजीपी कानपुर जोन आलोक सिंह ने जोन की स्थिति से कराया अवगत

  • प्रियंका द्विवेदी

कानपुर नगर। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में माह अप्रैल के दौरान घटित विशेष कानून-व्यवस्था की घटनाओं एवं विशेष अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में हाल ही में 60,000 पुलिस कार्मिकों के ज्वाइन करने के उपरांत उनकी ट्रेनिंग एवं ड्यूटी व्यवस्था, जनसुनवाई प्रणाली, ई-साक्ष्य एवं ई-सम्मन की प्रगति सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान मीडिया में प्रकाशित एवं प्रसारित घटनाओं पर त्वरित एवं तथ्यपरक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने, “जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट” लक्ष्य की प्रगति, यातायात जाम में कमी लाने के उपायों, तथा सीसीटीएनएस प्रणाली में 60/90 दिवस से लंबित विवेचनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त एंटी रायट ड्रिल, ग्राउंड ऑफ अरेस्ट एवं रीजन्स ऑफ अरेस्ट, यक्ष ऐप के माध्यम से की जा रही कार्यवाहियों सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुरक्षा, अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु सभी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया जाए तथा तकनीकी माध्यमों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन आलोक सिंह द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोन के अंतर्गत आने वाले जनपदों की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया गया। उन्होंने विभिन्न अभियानों एवं अभियोजनात्मक कार्यवाहियों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि शासन एवं पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य तेजी से किया जा रहा है।

आलोक सिंह ने कहा कि जोन स्तर पर जनपदों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जनसुनवाई, तकनीकी मॉनिटरिंग एवं फील्ड स्तर की सक्रियता के माध्यम से पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है।

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