
सुरक्षा व्यवस्था, जवानों की समस्याओं और निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा; फिटनेस, सोशल मीडिया नीति और सतर्कता पर दिया विशेष जोर
- आशा चौधरी
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश पीएसी के पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह (आईपीएस) ने 29 मई 2026 को 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद का भ्रमण एवं आकस्मिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा जवानों की सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान पीएसी मेरठ अनुभाग की पुलिस उपमहानिरीक्षक कल्पना सक्सेना, 41वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक डॉ. दिनेश यादव, 5वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक डॉ. एम.पी. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण की शुरुआत क्वार्टर गार्द पर सलामी ग्रहण करने के साथ हुई। इसके उपरांत पुलिस महानिदेशक ने ‘स्टैंड टू’ कार्यवाही एवं विभिन्न सुरक्षा मोर्चों का निरीक्षण किया। उन्होंने जवानों से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं और ‘आर्क ऑफ फायर’ की जानकारी प्राप्त कर उनकी तैयारियों का परीक्षण किया। सुरक्षा मानकों के प्रति सतर्कता बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सदैव तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
भ्रमण के दौरान आलोक सिंह ने वाहिनी परिसर स्थित प्रशासनिक कार्यालयों, अस्पताल, स्पोर्ट्स हॉस्टल तथा निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का भी निरीक्षण किया। अस्पताल में स्थापित सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जवानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

निरीक्षण के पश्चात आयोजित सैनिक सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक ने जवानों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए आलोक सिंह ने जवानों को सोशल मीडिया नीति का पूर्णतः पालन करने, शारीरिक दक्षता बनाए रखने तथा एबीसी (ABC) कोर्स पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान समय की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए ‘अर्बन नक्सलवाद’ जैसी गतिविधियों के प्रति सतर्क और सजग रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पीएसी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण इकाई है और इसके जवानों की दक्षता, अनुशासन तथा पेशेवर क्षमता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अधिकारियों एवं जवानों से उच्च स्तर की कार्यकुशलता, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सुरक्षा, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।


