HomeNEWSसीएसजेएम विश्वविद्यालय में 19-20 सितम्बर को होगी ‘ज्ञान सभा’, विकसित उत्तर प्रदेश...

सीएसजेएम विश्वविद्यालय में 19-20 सितम्बर को होगी ‘ज्ञान सभा’, विकसित उत्तर प्रदेश हेतु शिक्षा पर होगा मंथन

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वावधान में दो दिवसीय आयोजन, प्रदेशभर के कुलगुरु, शिक्षाविद् और उद्योगपति होंगे शामिल

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। ‘विकसित उत्तर प्रदेश हेतु शिक्षा’ विषय को केंद्र में रखते हुए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आगामी 19 एवं 20 सितम्बर 2026 को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में दो दिवसीय ‘ज्ञान सभा’ का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता प्रस्तावित है।

आयोजन की तैयारियों के क्रम में न्यास के कानपुर प्रांत सह-संयोजक डॉ. सुमित कुमार गुप्ता ने विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं अखिल भारतीय विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर विनय पाठक से भेंट कर कार्यक्रम के लिए सभागार तथा अतिथि गृह में कार्यकर्ताओं एवं अतिथियों के ठहरने की सहमति प्राप्त की। आयोजन के समन्वय की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के लाइफ लॉन्ग लर्निंग एंड एक्सटेंशन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित मिश्रा को सौंपी गई है।

इस संबंध में विश्वविद्यालय के दीनदयाल शोध केंद्र में आयोजित क्षेत्रीय बैठक में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह-संयोजक संजय स्वामी ने बताया कि ‘ज्ञान सभा’ एक व्यापक और महत्वपूर्ण आयोजन होगा, जिसमें विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए व्यवस्था समिति, आयोजन समिति, संचालन समिति एवं मार्गदर्शक मंडल के गठन सहित विभिन्न दायित्वों का निर्धारण किया जा रहा है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश के सभी केंद्रीय, राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं, निदेशकों तथा राष्ट्रीय एवं प्रांतीय शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के उद्योगपतियों को भी इस आयोजन से जोड़ने की योजना बनाई गई है, ताकि शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

आयोजन के दौरान स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों एवं उद्योगों की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए जाएंगे। कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार, यातायात, भोजन एवं आवास व्यवस्था के सुचारु संचालन हेतु कार्यकर्ताओं की अलग-अलग टोलियों का गठन किया जाएगा।

बैठक में इस प्रतिष्ठित ज्ञान सभा में प्रदेश की राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा मंत्री को आमंत्रित किए जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। आयोजकों का मानना है कि यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने और विकसित प्रदेश के लक्ष्य को गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments