अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ‘योग संकल्प हस्ताक्षर अभियान’ का शुभारंभ, बच्चों और अभिभावकों को योग से जोड़ने की पहल
- गौरव मिश्रा
उन्नाव। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद की राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका एवं एसआरजी डॉ. रचना सिंह ने एक लाख लोगों तक योग पहुंचाने का संकल्प लेकर योग जनजागरण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक संतुलन का भी आधार है।
शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकीं डॉ. रचना सिंह बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए भी लगातार प्रयासरत हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने जनपद के विभिन्न विकास खंडों के शिक्षकों को जोड़कर “योगपावर” नामक समूह का गठन किया है, जो पिछले पांच वर्षों से योग के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा, जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह तथा पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी अनूप मिश्रा ने “योग संकल्प हस्ताक्षर अभियान” में हस्ताक्षर कर योग को घर-घर तक पहुंचाने की मुहिम का शुभारंभ किया।
डॉ. रचना सिंह ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों को योग के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत” के संदेश को साकार करने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा, तभी देश वास्तविक अर्थों में समृद्ध और विकसित बन सकेगा। योग, व्यायाम, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव हैं।
पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी अनूप मिश्रा ने योग संकल्प अभियान की सराहना करते हुए कहा कि योग अब केवल व्यक्तिगत जीवनशैली नहीं रह गया है, बल्कि यह विश्व स्तर पर स्वस्थ, शांतिपूर्ण और टिकाऊ भविष्य के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने जनपदवासियों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
डॉ. रचना सिंह ने बताया कि योगपावर समूह ने वर्ष 2026 में एक लाख से अधिक लोगों को योग के प्रति जागरूक करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान नियमित रूप से आसन एवं प्राणायाम कराए जा रहे हैं। साथ ही निःशुल्क योग शिविरों के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय के लोगों को भी योग से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बच्चे ही देश के भावी निर्माता हैं, इसलिए उन्हें प्रारंभिक अवस्था से ही योग, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ना आवश्यक है। योग के माध्यम से बच्चों में एकाग्रता, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच का विकास होता है।
योगपावर समूह द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान जनपद में स्वास्थ्य जागरूकता का एक बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और आम नागरिक जुड़ रहे हैं।


