HomeNEWSआरपीएफ उपनिरीक्षक की सतर्कता और साहस से बची युवक की जान

आरपीएफ उपनिरीक्षक की सतर्कता और साहस से बची युवक की जान

चलती ट्रेन से उतरते समय फिसला युवक, आरपीएफ दरोगा ने पांच सेकेंड में खींचकर बचाया

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक उपनिरीक्षक की सूझबूझ, तत्परता और साहस से एक युवक की जान बच गई। चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में युवक का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के साथ घिसटने लगा। कुछ ही सेकेंड में बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन मौके पर मौजूद आरपीएफ उपनिरीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर खींच लिया।

जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 12382 के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के दौरान एक युवक ने चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास किया। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन के दरवाजे की ग्रिल पकड़कर घिसटने लगा। स्थिति बेहद गंभीर हो गई और युवक ट्रेन के नीचे आने ही वाला था।

उसी समय प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक अनिल कुमार गौतम ने अद्भुत साहस और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए महज कुछ सेकेंड के भीतर युवक का हाथ पकड़कर उसे अपनी ओर खींच लिया। उनकी इस बहादुरी से युवक की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना के दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली और आरपीएफ उपनिरीक्षक की बहादुरी की सराहना करते हुए तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। पूरी घटना स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई।

रेलवे अधिकारियों ने उपनिरीक्षक अनिल कुमार गौतम की तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि कुछ सेकेंड की भी देरी होती तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी। उनकी सतर्कता और साहस ने एक परिवार को बड़ी त्रासदी से बचा लिया।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। ट्रेन के पूर्ण रूप से रुकने के बाद ही सावधानीपूर्वक चढ़ें और उतरें। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

रेलवे सुरक्षा बल के इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित निर्णय कई बार किसी की जिंदगी बचाने का माध्यम बन जाते हैं।

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