HomeNEWSभाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं : अखिलेश यादव

भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं : अखिलेश यादव

‘जनतंत्र’ को ‘धनतंत्र’ मानकर दोहन और दमन में विश्वास करती है भाजपा

  • अखिलेश कुमार अग्रहरि

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं है। भाजपा ‘जन-तंत्र’ को ‘धन-तंत्र’ मानकर सिर्फ दोहन और दमन में विश्वास करती है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में एक सड़क बनने को लेकर जब वर्षों से कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रभावशाली प्रदर्शन करके दिखा दिया कि भाजपा का अहंकारी शासन-प्रशासन यदि जनता तक नहीं पहुंचेगा तो जनता उन तक पहुंच जाएगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाई ऊपर से नीचे का जो ‘एकतंत्र’ बनाना चाहते हैं, वह अब और नहीं चलेगा। जनप्रतिनिधि हो या लोक सेवक, अब सभी को यह समझना होगा कि लोकतंत्र नीचे से ऊपर की ओर जाता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी मूल्यों को सभी को अपनाना होगा कि ‘समाज के लिए सत्ता है।’

श्री यादव ने कहा कि भाजपा हमेशा सत्ता के लिए समाज का दुरुपयोग करती है, जबकि समाजवादी सिद्धांत कहता है कि समाज के उत्थान और कल्याण के लिए सत्ता का सदुपयोग किया जाना ही शासन-प्रशासन के औचित्य को सिद्ध करता है। यदि जनकल्याण नहीं तो सरकार नहीं।

बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां महा भ्रष्टाचार है। भाजपा सरकार में जितने भी काम हुए हैं, उनमें कमीशनखोरी और बजट की लूट हुई है।

उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट पर पानी भर गया, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर गड्ढे बन गए और जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकियां गिर गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या राममंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला भी सामने आया है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन इतना सब कुछ होने के बावजूद किसी की कोई जवाबदेही नहीं है।

एफसीआरए बिल को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा विपक्ष एफसीआरए बिल के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार का हर बिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ होता है।

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